प्राचीन दिव्य मुख – शांति, करुणा और संतुलन का स्वरूप यह कलाकृति एक प्राचीन शैली में बने दिव्य मुख को दर्शाती है,
यह कलाकृति एक प्राचीन शैली में बने दिव्य मुख को दर्शाती है, जिसमें शांति और करुणा का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है। चेहरे की संतुलित बनावट, कोमल मुस्कान और माथे पर बना तिलक आध्यात्मिक चेतना और आंतरिक संतुलन का प्रतीक है। हरे-नीले और राख जैसे प्राकृतिक रंग इस शिल्प को समय की गहराई और ऐतिहासिक प्रभाव प्रदान करते हैं। यह रचना भारतीय पारंपरिक शिल्पकला की सादगी और गहराई को दर्शाती है।
🗿 प्राचीन शैली का दिव्य मुख शिल्प
😊 शांत और करुणामय चेहरे की अभिव्यक्ति
🕉️ माथे पर तिलक – आध्यात्मिक पहचान
🎨 नैचुरल अर्थी और ग्रीन टोन फिनिश
🪨 रफ, हैंडमेड और टेक्सचर्ड सतह
🖐️ पारंपरिक हस्तनिर्मित कला
✔️ शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव
✔️ प्राचीन व लोक कला से प्रेरित डिज़ाइन
✔️ वॉल डेकोर, ध्यान कक्ष या आर्ट गैलरी के लिए उपयुक्त
✔️ यूनिक और कलेक्टिबल हैंडक्राफ्ट पीस
✔️ भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की झलक