“ध्यानस्थ शिव मुख – शांति और चेतना का स्वरूप” यह कलाकृति भगवान शिव के ध्यानमग्न मुख को दर्शाती है, जिसमें बंद नेत्र, शांत भाव और मस्तक पर त्रिपुंड एवं बिंदु अंकित हैं।
यह कलाकृति भगवान शिव के ध्यानमग्न मुख को दर्शाती है, जिसमें बंद नेत्र, शांत भाव और मस्तक पर त्रिपुंड एवं बिंदु अंकित हैं। बैंगनी और स्लेटी रंगों का प्रयोग इस आकृति को रहस्यमय और आध्यात्मिक गहराई प्रदान करता है। बालों की जटाएँ और चेहरे की बनावट तपस्या, वैराग्य और आत्मिक संतुलन का प्रतीक हैं। यह कला शिव तत्व की शांति, शक्ति और चेतना को सुंदर रूप में अभिव्यक्त करती है।
भगवान शिव के मुख की हस्तनिर्मित आकृति
ध्यानमग्न और शांत अभिव्यक्ति
मस्तक पर त्रिपुंड और बिंदु का अंकन
जटाजूट के सूक्ष्म शिल्प विवरण
बैंगनी, स्लेटी और हल्के पीले रंगों का संयोजन
प्राचीन/एंटी़क फिनिश के साथ बनावटदार सतह
शिव मुख – ध्यान, शक्ति और आत्मज्ञान का प्रतीक
त्रिपुंड व बिंदु – चेतना, संतुलन और दिव्यता का संकेत
हस्तनिर्मित शिल्प – हर पीस को अद्वितीय बनाता है
रंगों का चयन – आध्यात्मिक शांति और गहराई उत्पन्न करता है
एंटी़क टेक्सचर – कलाकृति को कालातीत और संग्रहणीय बनाता है
ध्यान कक्ष, योग स्टूडियो या पूजा स्थल के लिए आदर्श
घर या ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
शिव भक्तों और आध्यात्मिक कला प्रेमियों के लिए विशेष
दीवार सजावट के रूप में प्रभावशाली उपस्थिति
अर्थपूर्ण, शांत और गरिमामय उपहार विकल्प