“दैवीय मुखाकृतियाँ – भाव, भक्ति और सौंदर्य” यह चित्र चार हस्तनिर्मित दैवीय मुखाकृतियों का समूह दर्शाता है
यह चित्र चार हस्तनिर्मित दैवीय मुखाकृतियों का समूह दर्शाता है, जिनमें अलग-अलग भाव, केश-सज्जा और तिलक/भस्म चिह्न दिखाई देते हैं। प्रत्येक मुख अपनी विशिष्ट अभिव्यक्ति के माध्यम से भक्ति, आनंद, शांति और करुणा जैसे भावों को प्रकट करता है। धातु/पत्थर जैसी बनावट और सौम्य रंग इन कलाकृतियों को प्राचीन और पारंपरिक स्वरूप प्रदान करते हैं। यह संग्रह भारतीय आध्यात्मिक व लोककला की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है।
चार अलग-अलग दैवीय मुखाकृतियों का सेट
हस्तनिर्मित पारंपरिक शिल्प
भिन्न-भिन्न भाव-भंगिमाएँ और चेहरे की बनावट
तिलक, भस्म रेखा और मुकुट/जटाजूट का अंकन
प्राकृतिक, धूसर व धात्विक रंगों का प्रयोग
एंटी़क और टेक्सचर्ड फिनिश
चार मुख – जीवन व भक्ति के विविध भावों का प्रतीक
हस्तशिल्प – प्रत्येक पीस को अद्वितीय बनाता है
पारंपरिक प्रतीक – सांस्कृतिक व आध्यात्मिक गहराई
एंटी़क फिनिश – कलाकृति का संग्रहणीय मूल्य बढ़ाती है
सूक्ष्म विवरण – कलाकार की कुशलता और अभिव्यक्ति
दीवार सजावट या आर्ट डिस्प्ले के लिए उपयुक्त
पूजा कक्ष, ध्यान स्थल या योग स्पेस में शोभनीय
भारतीय पारंपरिक कला प्रेमियों के लिए विशेष
कम जगह में प्रभावशाली दृश्य सौंदर्य
अर्थपूर्ण और सांस्कृतिक उपहार विकल्प